भारत में लॉटरी, जुआ और सट्टेबाज़ी संबंधी मुद्दे
15 मार्च, 2022 को सर्वोच्च न्यायालय ने एक विवाद का निपटान करते हुए बताया कि राज्यों की विधायकाएं अपने क्षेत्र विशेष में अन्य राज्यों द्वारा आयोजित की जाने वाली लॉटरी पर कर लगा सकती हैं।
- इससे पूर्व वर्ष 2020 में सर्वोच्च न्यायालय ने एक निर्णय में कहा था कि लॉटरी, जुआ और सट्टेबाज़ी (Lotteries, Gambling and Betting) ‘वस्तु एवं सेवा कर’ (GST) अधिनियम, 2017 के तहत कर योग्य हैं।
निर्णय के मुख्य बिंदु
- सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय के आधार पर यह पाया कि 'लॉटरी' को एक ‘जुआ गतिविधि’ (Gambling Activity) के अंतर्गत शामिल किया जा सकता है।
- न्यायालय का मानना ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह
- 2 यंत्र इंडिया लिमिटेड को ‘मिनीरत्न’ श्रेणी–I का दर्जा
- 3 सावलकोट जलविद्युत परियोजना
- 4 उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS)
- 5 केन–बेतवा नदी जोड़ो परियोजना
- 6 न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT)
- 7 कृषि अवसंरचना कोष
- 8 कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA)
- 9 लीड बैंक योजना के लिए RBI के संशोधित दिशा-निर्देश
- 10 ‘युवा एआई फॉर ऑल’ पहल के अंतर्गत ‘कौशल रथ’
- 1 रिमोट सेंसिंग क्रॉप मॉडल
- 2 भारत में पशुधन विकास
- 3 सागर परिक्रमा कार्यक्रम
- 4 ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स
- 5 यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म
- 6 ‘संभव’ तथा ‘स्वावलंबन’ पहल
- 7 माइक्रोफाइनेंस हेतु आरबीआई का नियामक ढांचा
- 8 मुद्रास्फीति का मापन : थोक मूल्य सूचकांक एवं उपभोक्ता मूल्य सूचकांक
- 9 भारत-कनाडा : मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता
- 10 विंग्स इंडिया-2022

