भारत बिल भुगतान प्रणाली (BBPS)
15 सितंबर, 2019 को भारतीय रिजर्व बैंक ने भारत बिल पेमेंट सिस्टम (Bharat Bill Payment System – BBPS) का दायरा और कवरेज का विस्तार किया गया है, जिसमें स्वैच्छिक आधार पर पात्र प्रतिभागियों के रूप में आवर्ती बिलों और भुगतानों (प्रीपेड रिचार्ज को छोड़कर) को शामिल करने वाले सभी श्रेणियों के बिल शामिल होंगे।
मुख्य तथ्य
- वर्तमान में इस प्रणाली के तहत बार-बार चुकाये जाने वाले सभी बिलों का भुगतान किया जा सकेगा।
- इनमें स्कूल फीस, बीमा प्रीमियम और निगम से जुड़े टैक्स भी शामिल हैं।
- अभी तक बीबीपीएस के जरिये सिर्फ पांच श्रेणियों डायरेक्ट टु होम (डीटीएच), बिजली, गैस, दूरसंचार ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना
- 2 TReDS: MSMEs के लिए कार्यशील पूँजी का सशक्त माध्यम
- 3 कमला जलविद्युत परियोजना
- 4 राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम
- 5 गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस
- 6 अवसंरचना क्षेत्र के प्रदर्शन निगरानी हेतु एकीकृत डैशबोर्ड
- 7 पश्चिमी समर्पित माल गलियारा
- 8 ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट
- 9 शोंगटोंग-कड़छम जलविद्युत परियोजना
- 10 राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास ट्रस्ट
- 1 स्वर्ण भंडार के मामले में भारत विश्व के शीर्ष 10 देशों में शामिल
- 2 इलेक्ट्रॉनिक सर्टिफिकेट ऑफ ऑरिजिन
- 3 लौह अयस्कफ उत्पातदन का 25% घरेलू बाजार में स्थाीनांतरित की अनुमति
- 4 अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौता
- 5 गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस
- 6 राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन के लिए टास्क फोर्स का गठन
- 7 घरेलू कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स को घटाकर 22% किया गया
- 8 विश्व सीमा शुल्क संगठन की मुंबई बैठक

