पूर्वोत्तर राज्य सीमा विवाद कारण एवं समाधान की राह
प्रशासनिक सहूलियत के हिसाब बनाई गई राज्यों की सीमाएं कभी-कभी जनजातीय क्षेत्रों और उनकी पहचान के साथ मेल नहीं खातीं। इस कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार तनाव बना रहता है और प्रायः हिंसक झड़पें होती रहती हैं। पूर्वाेत्तर राज्यों में सीमा विवाद औपनिवेशिक सीमांकन और स्वतंत्रता के बाद उत्तर-पूर्व में राज्यों के गठन की प्रक्रिया द्वारा समझा जा सकता है।
हाल ही में नागालैंड विधानसभा द्वारा असम के साथ सीमा विवाद को सुलझाने के लिए तीन सूत्री प्रस्ताव पारित किया गया| नागालैंड सरकार के द्वारा 10 सदस्यीय चयन समिति का भी गठन किया गया है| इस समिति का अधिदेश असम के ....
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