क्वाड समूह एवं अफगानिस्तान भारत के समक्ष सामरिक विकल्प
- 31 अगस्त, 2021 को अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान से वापस लौट गए, इसके साथ ही अमेरिका का सबसे लंबा युद्ध समाप्त हो गया। परन्तु अमेरिकी सैनिकों के अफगानिस्तान से वापस लौटने के पहले ही (15 अगस्त, 2021 को) तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। इसके साथ ही भारत सहित सम्पूर्ण एशिया में क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति काफी नाजुक हो गई।
- भारत एवं अमेरिका क्वाड समूह के महत्वपूर्ण देश हैं तथा दोनों देशों के अफगानिस्तान में व्यापक हित समाहित है। अमेरिका के अफगानिस्तान से वापस होने के कई कारण हैं, इनमें सबसे प्रमुख हिन्द-प्रशांत को प्राथमिकता देना, चीन ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 EV क्रांति और ऊर्जा अवसंरचना की चुनौती
- 2 कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और भारत के समक्ष चुनौतियाँ
- 3 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर बहस
- 4 बढ़ती गर्म रातें : भारत में उभरता नया हीट संकट
- 5 SIR प्रक्रिया से नागरिकता तक: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उभरे नए प्रश्न
- 6 समुद्री चोक पॉइंट्स: व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीति के निर्णायक द्वार
- 7 ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2026: उभरते डिजिटल क्षेत्र का समग्र नियामक ढांचा
- 8 दल-बदल विरोधी कानून: प्रासंगिकता, खामियां और सुधार की आवश्यकता
- 9 औद्योगिक आपदाएं: कारण, लागत और समाधान
- 10 एआई के उद्भव का प्रभाव: असीम संभावनाओं की राह और जोखिमपूर्ण चुनौतियां

