परिवार न्यायालय (संशोधन) विधेयक 2022
26 जुलाई, 2022 को लोक सभा द्वारा ‘परिवार न्यायालय (संशोधन) विधेयक 2022’ [Family Courts (Amendment) Bill, 2022] पारित किया गया। यह विधेयक फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 में संशोधन करने का प्रयास करता है।
- इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य 15 फरवरी, 2019 से हिमाचल प्रदेश में स्थापित तथा 12 सितंबर, 2008 से नागालैंड में स्थापित परिवार न्यायालयों को कानूनी मान्यता प्रदान करना है। इसके साथ ही इन अदालतों के सभी फैसलों, आदेशों, नियमों, नियुक्तियों आदि को वैध करार देना है।
संशोधन की आवश्यकता क्यों थी?
नागालैंड सरकार द्वारा 12 सितंबर, 2008 को दीमापुर और कोहिमा में दो फैमिली कोर्ट स्थापित किए गए ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 विधानसभा चुनाव 2026 : एक विश्लेषण
- 2 असम कैबिनेट द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी
- 3 आयुष अनुदान पोर्टल: आयुष ग्रिड पहल के तहत एक नई शुरुआत
- 4 भारत का पहला राष्ट्रीय AI और डिजिटल जल शिखर सम्मेलन
- 5 स्वस्थ भारत पोर्टल: डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति का एकीकरण
- 6 सड़क निर्माण में प्लास्टिक कचरे का उपयोग: नवाचार और स्थिरता
- 7 मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) - तीसरा चरण
- 8 समान नागरिक संहिता (UCC) और जनजातीय संरक्षण
- 9 भारत की कुल प्रजनन दर (TFR): प्रतिस्थापन स्तर से नीचे की गिरावट
- 10 तेलंगाना में महिला संचालित सौर ऊर्जा संयंत्र
- 1 न्यू ड्रग्स, मेडिकल डिवाइस एंड कॉस्मेटिक बिल, 2022
- 2 भारतीय अंटार्कटिक विधेयक 2022
- 3 देश की 15वीं राष्ट्रपति: श्रीमती द्रौपदी मुर्मू
- 4 असंसदीय शब्द तथा इससे संबंधित नियम
- 5 सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों हेतु राष्ट्रीय मानक
- 6 महाराष्ट्र स्थानीय चुनावों में 27: ओबीसी आरक्षण
- 7 उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 30वीं बैठक
- 8 नए संसद भवन के शीर्ष पर राष्ट्रीय चिन्ह का अनावरण

