मुद्रास्फ़ीतिः माप एवं नियंत्रण के उपाय
मुद्रास्फीति एक ऐसा शब्द है, जो एक निश्चित अवधि में किसी अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में सामान्य वृद्धि को संदर्भित करता है। मुद्रास्फीति किसी देश की मुद्रा की एक इकाई की क्रय शक्ति में कमी का सूचक है। इसका आशय मुद्रा की क्रय शक्ति में गिरावट से है, क्योंकि समान मुद्रा से कम सामान और सेवाएं खरीदी जा सकती हैं।
मुद्रास्फीति दो प्रकार की होती हैः
- मांगजनित मुद्रास्फीतिः जब अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं की कुल मांग, कुल आपूर्ति से अधिक हो जाती है।
- लागतजनित मुद्रास्फीतिः जब वस्तुओं और सेवाओं की कुल आपूर्ति में कमी होती है तो ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

