सैटेलाइट शहर: अवसंरचना विकास कार्यक्रम
सैटेलाइट शहर (Satellite Towns) शहरी नियोजन में एक अवधारणा है, जो अनिवार्य रूप से छोटे महानगरीय क्षेत्रों को संदर्भित करती है।
- सैटेलाइट शहर स्व-निहित और आकार में सीमित होते हैं, जो एक बड़े मेट्रो शहर के आसपास बनाए जाते हैं। ये शहर कार्यात्मक रूप से एक बड़े शहर के साथ एकीकृत होते हैं और एक प्रमुख परिवहन लाइन के माध्यम से बड़े नगर से जुड़े होते हैं।
- ये शहर मुख्य शहर के लिए एक द्वितीयक बस्ती के रूप में कार्य करते हैं। भारत में दिल्ली एनसीआर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के उप-महानगरीय क्षेत्र इसका उदाहरण हैं।
- सैटेलाइट शहर उपनगरों से भिन्न होते ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 स्थानीय शासन का डिजिटल रूपांतरण : ई-पंचायत एवं स्मार्ट नगरपालिकाएँ
- 2 डेटा-आधारित शासन : राष्ट्रीय डेटा एवं एनालिटिक्स प्लेटफ़ॉर्म
- 3 सिविल सेवा क्षमता निर्माण एवं प्रदर्शन प्रबंधन
- 4 लोक सेवा वितरण सुधार
- 5 राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) एवं डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफ़ॉर्म
- 6 शासन, वित्त और आपूर्ति श्रृंखलाओं में ब्लॉकचेन का प्रयोग
- 7 भारत में डेटा शासन एवं व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम का क्रियान्वयन
- 8 भारत की साइबर सुरक्षा संरचना: CERT-In एवं NDMA दिशानिर्देश
- 9 भारत की अंतरिक्ष एवं उपग्रह क्रांति
- 10 कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ
- 1 मुद्रास्फ़ीतिः माप एवं नियंत्रण के उपाय
- 2 भारत में कृषि आधारित उद्योग
- 3 भारत में कुटीर उद्योग
- 4 सूक्ष्म, लघु और मधयम उद्योग: रोजगार वृद्धि में भूमिका
- 5 विदेशी प्रत्यक्ष निवेश
- 6 खाद्य प्रसंस्करण उद्योग: कृषि के विकास में भूमिका
- 7 गरीबीः मापन एवं उन्मूलन कार्यक्रम
- 8 भारत का पशुधन संसाधन
- 9 भारत में करों के प्रकार
- 10 स्वदेशी बीजः बुनियादी ढांचा एवं प्रबंधन
- 11 सड़क एवं जल परिवहन नेटवर्क एवं अवसंरचना
- 12 वैश्विक संदर्भ में भारतीय अर्थव्यवस्था
- 13 आर्थिक विकास का मापनः प्रमुख संकेतक
- 14 सरकारी राजस्व के स्रोत
- 15 सरकारी व्यय के क्षेत्र
- 16 सब्सिडी एवं इसके प्रकार
- 17 कर प्राधिकरण और न्यायाधिकरण
- 18 अंतरराष्ट्रीय मुक्त व्यापार समझौते
- 19 भारत के नए औद्योगिक क्षेत्र
- 20 श्री अन्न प्रजातियां: संरक्षण एवं संवर्द्धन
- 21 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क
- 22 आत्मनिर्भर भारत: दृष्टिकोण एवं क्षेत्रवार लक्ष्य
- 23 डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना
- 24 कृषि ऋण और फ़सल बीमा के माध्यम से वित्तीय समावेशन
- 25 नदी एवं वायु द्वारा निर्मित स्थलाकृतियां
- 26 पृथ्वी का ऊष्मा बजट
- 27 मेघ प्रस्फ़ुटनः कारण और परिणाम
- 28 पश्चिमी विक्षोभ
- 29 अरब सागर में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के कारण
- 30 भारतीय जलवायु पर हिंद महासागर डाइपोल एवं ईएनएसओ का प्रभाव
- 31 समुद्री जैविक संसाधान
- 32 भारत में दुर्लभ पृथ्वी तत्व (आरईई)
- 33 कृषि पारिस्थितिकीय क्षेत्र
- 34 भारतीय मानसून और वर्षा का वितरण
- 35 भारत में बाढ़ प्रबंधन
- 36 श्रमिकों का ग्रामीण-शहरी प्रवासन
- 37 महासागरीय लवणता को प्रभावित करने वाले कारक
- 38 पूर्वी घाट की भौगोलिक विशेषताएं
- 39 भारत के भूकंपीय क्षेत्र
- 40 पृथ्वी की आंतरिक संरचना के अधययन में भूकंपीय तरंगों की भूमिका
- 41 भारत में कृषि उत्पादकता को प्रभावित करने वाले कारक
- 42 समुद्री प्रदूषण के कारण और परिणाम
- 43 भूस्खलनः परिभाषा, प्रकार और कारण
- 44 प्रायद्वीपीय भारत की संरचना एवं उच्चावाचीय (Relief) विशेषताएं
- 45 भारत में भूजल प्रदूषण
- 46 मरुस्थलीकरण रोकथाम: प्रमुख पहल
- 47 शहरीकरणः कारक और प्राकृतिक संसाधनों पर प्रभाव
- 48 भारत के कोयला संसाधन
- 49 भारत में औद्योगिक अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारक
- 50 इतिहास एवं संस्कृति
- 51 भूगोल
- 52 अर्थव्यवस्था
- 53 राजनीतिक परिदृश्य
- 54 पर्यावरण
- 55 योजना एवं पहल

