शहरीकरणः कारक और प्राकृतिक संसाधनों पर प्रभाव
शहरीकरण से तात्पर्य उस प्रक्रिया से है, जिसके द्वारा जनसंख्या का बढ़ता हुआ हिस्सा शहरी क्षेत्रों में रहने लगता है। यह एक वैश्विक घटना है, जो आर्थिक विकास, तकनीकी परिवर्तन और जनसंख्या वृद्धि सहित विभिन्न कारकों से प्रेरित है।
- भारत में, हाल के दशकों में शहरीकरण तेजी से बढ़ने वाली प्रवृत्ति रही है। भारत के शहरों और कस्बों की आबादी ग्रामीण आबादी की तुलना में तेजी से बढ़ रही है।
- 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में शहरी जनसंख्या कुल जनसंख्या का लगभग 31.2% थी। 2030 तक इसके कुल जनसंख्या का लगभग 40% तक बढ़ने का अनुमान है।
शहरीकरण के कारक
- प्राकृतिक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 भारत में क्षेत्रीय असमानताओं और स्थानिक विकास के पैटर्न
- 2 भारत की जनजातियाँ – FRA, PESA और पारिस्थितिक-सांस्कृतिक परिदृश्य
- 3 शहरीकरण की प्रवृत्तियाँ और सतत शहर
- 4 जनसंख्या गतिशीलता: प्रवासन पैटर्न, जनसांख्यिकीय लाभांश एवं जलवायु-जनित विस्थापन
- 5 वायु गुणवत्ता प्रबंधन – राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) कार्यान्वयन
- 6 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन: नियम, चुनौतियाँ और समाधान
- 7 ठोस अपशिष्ट और लैंडफिल प्रबंधन
- 8 जलवायु-जनित आपदाएँ: अनुकूलन योजना और जलवायु वित्त का एकीकरण
- 9 सूखा: शुष्क क्षेत्र मानचित्रण एवं मरुस्थलीकरण नियंत्रण कार्यक्रम
- 10 चक्रवात: पूर्व चेतावनी प्रणाली और AI आधारित पूर्वानुमान
- 1 मुद्रास्फ़ीतिः माप एवं नियंत्रण के उपाय
- 2 भारत में कृषि आधारित उद्योग
- 3 सैटेलाइट शहर: अवसंरचना विकास कार्यक्रम
- 4 भारत में कुटीर उद्योग
- 5 सूक्ष्म, लघु और मधयम उद्योग: रोजगार वृद्धि में भूमिका
- 6 विदेशी प्रत्यक्ष निवेश
- 7 खाद्य प्रसंस्करण उद्योग: कृषि के विकास में भूमिका
- 8 गरीबीः मापन एवं उन्मूलन कार्यक्रम
- 9 भारत का पशुधन संसाधन
- 10 भारत में करों के प्रकार
- 11 स्वदेशी बीजः बुनियादी ढांचा एवं प्रबंधन
- 12 सड़क एवं जल परिवहन नेटवर्क एवं अवसंरचना
- 13 वैश्विक संदर्भ में भारतीय अर्थव्यवस्था
- 14 आर्थिक विकास का मापनः प्रमुख संकेतक
- 15 सरकारी राजस्व के स्रोत
- 16 सरकारी व्यय के क्षेत्र
- 17 सब्सिडी एवं इसके प्रकार
- 18 कर प्राधिकरण और न्यायाधिकरण
- 19 अंतरराष्ट्रीय मुक्त व्यापार समझौते
- 20 भारत के नए औद्योगिक क्षेत्र
- 21 श्री अन्न प्रजातियां: संरक्षण एवं संवर्द्धन
- 22 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क
- 23 आत्मनिर्भर भारत: दृष्टिकोण एवं क्षेत्रवार लक्ष्य
- 24 डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना
- 25 कृषि ऋण और फ़सल बीमा के माध्यम से वित्तीय समावेशन
- 26 नदी एवं वायु द्वारा निर्मित स्थलाकृतियां
- 27 पृथ्वी का ऊष्मा बजट
- 28 मेघ प्रस्फ़ुटनः कारण और परिणाम
- 29 पश्चिमी विक्षोभ
- 30 अरब सागर में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के कारण
- 31 भारतीय जलवायु पर हिंद महासागर डाइपोल एवं ईएनएसओ का प्रभाव
- 32 समुद्री जैविक संसाधान
- 33 भारत में दुर्लभ पृथ्वी तत्व (आरईई)
- 34 कृषि पारिस्थितिकीय क्षेत्र
- 35 भारतीय मानसून और वर्षा का वितरण
- 36 भारत में बाढ़ प्रबंधन
- 37 श्रमिकों का ग्रामीण-शहरी प्रवासन
- 38 महासागरीय लवणता को प्रभावित करने वाले कारक
- 39 पूर्वी घाट की भौगोलिक विशेषताएं
- 40 भारत के भूकंपीय क्षेत्र
- 41 पृथ्वी की आंतरिक संरचना के अधययन में भूकंपीय तरंगों की भूमिका
- 42 भारत में कृषि उत्पादकता को प्रभावित करने वाले कारक
- 43 समुद्री प्रदूषण के कारण और परिणाम
- 44 भूस्खलनः परिभाषा, प्रकार और कारण
- 45 प्रायद्वीपीय भारत की संरचना एवं उच्चावाचीय (Relief) विशेषताएं
- 46 भारत में भूजल प्रदूषण
- 47 मरुस्थलीकरण रोकथाम: प्रमुख पहल
- 48 भारत के कोयला संसाधन
- 49 भारत में औद्योगिक अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारक
- 50 इतिहास एवं संस्कृति
- 51 भूगोल
- 52 अर्थव्यवस्था
- 53 राजनीतिक परिदृश्य
- 54 पर्यावरण
- 55 योजना एवं पहल

