अमेरिकी ग्रीन कार्ड नीति परिवर्तन: भारत–अमेरिका संबंधों पर प्रभाव
अमेरिकी USCIS (United States Citizenship and Immigration Services) ने 50 वर्षों से चली आ रही “Adjustment of Status” प्रक्रिया को समाप्त करते हुए नया नियम लागू किया है, जिसके तहत अस्थायी वीज़ा पर अमेरिका में रह रहे विदेशी नागरिकों को ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास) के लिए अब अपने देश वापस जाकर आवेदन करना होगा। यह बदलाव भारतीय पेशेवरों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्य बिंदु
- अब अमेरिका के भीतर से ग्रीन कार्ड आवेदन की सुविधा लगभग समाप्त।
- केवल “असाधारण परिस्थितियों” में ही देश के भीतर आवेदन संभव।
- H-1B, छात्र वीज़ा और अन्य अस्थायी श्रेणी के ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 भारत-साइप्रस रणनीतिक साझेदारी
- 2 रूस–चीन रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव
- 3 भारत-इटली स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप
- 4 भारत-नॉर्वे संबंध : ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप
- 5 भारत–नीदरलैंड सांस्कृतिक पुनर्स्थापन
- 6 सिंधु जल संधि विवाद: सुरक्षा, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय जल कानून की नई चुनौतियाँ
- 7 ओपेक से बाहर हुआ यूएई: ऊर्जा भू-राजनीति के बदलते समीकरण
- 8 अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र के नियम और समुद्री कानून

