सिंधु जल संधि विवाद: सुरक्षा, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय जल कानून की नई चुनौतियाँ

सिंधु जल संधि को भारत द्वारा “स्थगित” किए जाने के एक वर्ष बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले और “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान सीमा-पार आतंकवाद से विश्वसनीय रूप से दूरी नहीं बनाता, तब तक संधि निलंबित रहेगी।

मुख्य बिंदु

  • सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी।
  • पूर्वी नदियाँ (रावी, ब्यास, सतलुज) भारत को तथा पश्चिमी नदियाँ (सिंधु, झेलम, चिनाब) पाकिस्तान को आवंटित हैं।
  • भारत ने डेटा साझा करना और स्थायी सिंधु आयोग की बैठकें रोक दी हैं।
  • पाकिस्तान ने UNSC, ICJ और विश्व ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री