भारत–नीदरलैंड सांस्कृतिक पुनर्स्थापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया नीदरलैंड यात्रा के दौरान नीदरलैंड ने 11वीं शताब्दी के चोलकालीन ताम्रपत्र भारत को वापस सौंपे। यह लगभग 14 वर्षों के कूटनीतिक प्रयासों का परिणाम है। यह प्राचीन विरासत चोल वंश से संबंधित है, जिसे भारत की सांस्कृतिक धरोहर की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
मुख्य बिंदु
- ताम्रपत्र राजा राजराज चोल प्रथम के काल (985–1014 ई.) के हैं।
- इनमें संस्कृत और तमिल दोनों भाषाओं में अभिलेख हैं।
- भूमि अनुदान, प्रशासन और कर व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।
- 1712 में डच मिशनरी फ्लोरेंटियस कैम्पर द्वारा इन्हें भारत से ले जाया गया था।
- भारत और ....
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