जल-ऊर्जा-खाद्य संकट: भारत के लिए बढ़ती चुनौती
विश्व बैंक की रिपोर्ट “Nourish and Flourish” तथा International Energy Agency (IEA) की रिपोर्ट “Sheltering from Oil Shocks” ने चेतावनी दी है कि जल, ऊर्जा और खाद्य प्रणालियों के बीच असंतुलन वैश्विक संकट बनता जा रहा है।
मुख्य बिंदु
- भारत जल-संकट के बावजूद चावल और गन्ने जैसी जल-गहन (Water Intensive) फसलें उगा रहा है।
- मुफ्त बिजली और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) अस्थिर खेती को बढ़ावा देते हैं।
- भारत अपनी कच्चे तेल (Crude Oil) की 85-90% जरूरत आयात करता है।
- तेल कीमतों में वृद्धि से सिंचाई, परिवहन और खाद्य लागत बढ़ती है।
संबंधित मूलभूत अवधारणाएँ
- जल-ऊर्जा-खाद्य संबंध (Water-Energy-Food Nexus) : ....
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