विदेशी मुद्रा संकट और भारत की मितव्ययिता नीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से मितव्ययिता (Austerity) अपनाने की अपील की है। उन्होंने सोने की खरीद, विदेश यात्रा और पेट्रोलियम खपत कम करने पर जोर दिया। पश्चिम एशिया तनाव, बढ़ते कच्चे तेल के दाम, विदेशी निवेश निकासी तथा बढ़ते आयात के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) पर दबाव बढ़ा है।

मुख्य बिंदु

  • बढ़ते आयात बिल और विदेशी निवेश निकासी (Capital Outflows) के बीच भारत का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर लगभग 691 अरब डॉलर रह गया।
  • रुपया डॉलर के मुकाबले 95 के पार पहुंचा।
  • 2025-26 में सोने का आयात बिल लगभग 72 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
  • चालू ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री