RBI का नया एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस ढांचा: बैंकों में बड़ा बदलाव
भारतीय रिज़र्व बैंक(RBI)ने बैंकों के लिए नया एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) ढांचा लागू करने का निर्णय लिया है, जो 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होगा। CRISIL Ratings के अनुसार, इससे बैंकों के CET-1 कैपिटल रेशियो पर एक बार में 120 बेसिस प्वाइंट तक का प्रभाव पड़ सकता है।
मुख्य बिंदु
- बैंक अब केवल डिफॉल्ट के बाद नहीं, बल्कि भविष्य के जोखिम के आधार पर प्रावधान करेंगे।
- तीन-स्तरीय वर्गीकरण: स्टेज I, स्टेज II और स्टेज III।
- स्टेज II और III में अधिक प्रावधानीकरण (provisioning) करना होगा।
- 90 दिन का NPA नियम जारी रहेगा, लेकिन उधारकर्ता-स्तरीय वर्गीकरण लागू होगा।
- ऑफ-बैलेंस शीट एक्सपोजर ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 भारत का FDI परिदृश्य 2025-26 : पूंजी पुनर्प्रत्यावर्तन और बाह्य क्षेत्रीय दबाव
- 2 बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें – भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
- 3 चीनी निर्यात प्रतिबंध : खाद्य सुरक्षा और मुद्रास्फीति प्रबंधन की उभरती चुनौतियाँ
- 4 भारत द्वारा सोना एवं चांदी पर आयात शुल्क वृद्धि
- 5 विदेशी मुद्रा संकट और भारत की मितव्ययिता नीति
- 6 जल-ऊर्जा-खाद्य संकट: भारत के लिए बढ़ती चुनौती
- 7 सेवा क्षेत्र को मापने के लिए नया सेवा उत्पादन सूचकांक
- 8 Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द: RBI की बड़ी कार्रवाई
- 9 बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी

