कांग्रेस का विभाजन
1907 के सूरत अधिवेशन में इनके बीच आपसी विरोध के कारण कांग्रेस में दो दल बन गए थे- गरम दल एवं नरम दल।
- उग्रवादी स्वदेशी, स्वराज, बहिष्कार व राष्ट्रीय शिक्षा के प्रस्ताव पर गारंटी चाहते थे, जबकि उदारवादी गारंटी देने को तैयार नहीं थे।
- सूरत के विभाजन का तात्कालिक कारण अध्यक्षों के चुनाव का मुद्दा था। उदारवादियों ने रासबिहारी बोस को अध्यक्ष चुना। इसके विरोध में उग्रवादी कांग्रेस से बाहर हो गए।
बंगाल विभाजन
- 19 जुलाई, 1905 को बंगाल के विभाजन की घोषणा की गई परंतु यह विभाजन 16 अक्टूबर, 1905 से प्रभावी हुआ।
- ब्रिटिश के अनुसार बंगाल के विभाजन का उद्देश्य प्रशासनिक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

