खिलाफ़त आंदोलन
ब्रिटिश शासन के प्रति बढ़ते क्रोध ने खिलाफत आन्दोलन और असहयोग आन्दोलन को जन्म दिया। दोनों आन्दोलन पृथक-पृथक मुद्दों को लेकर प्रारम्भ हुये थे किन्तु इसने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को प्रोत्साहित करने में प्रमुख भूमिका निभायी।
कारणः
- प्रथम विश्व युद्ध में पराजित होने के पश्चात तुर्की को अपमानजनक संधि के लिए बाध्य किया गया। तुर्की के खलीफा को तात्कालिक भारतीय मुसलमान अपना धार्मिक नेता मानते थे, अतः इस संधि के विरुद्ध उनमें काफी असंतोष था।
- जिसके परिणामस्वरूप मुस्लिम लीग की खिलाफत समिति ने इलाहबाद बैठक के दौरान खिलाफत के प्रस्ताव को स्वीकार कर ....
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