शिमला सम्मेलन
1945 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री एटली नियुक्त हुए तथा लिनलिथगो की जगह वेवेल भारत का वायसराय बना।
प्रमुख प्रस्ताव
- इसमें भारतीयों द्वारा गठित सरकार को शासन संचालन के लिए नियुक्त करने का प्रस्ताव किया गया।
- इस सरकार को सुरक्षा और विदेश नीति के अतिरिक्त अन्य सभी अधिकार थे, जबकि वायसराय को कुछ विवेकाधीन शक्तियां प्राप्त थी।
- इसके तहत कांग्रेस और मुस्लिम लीग को बराबर प्रतिनिधित्व दिया गया। इसके बावजूद मुस्लिम लीग द्वारा सांप्रदायिक वीटो की मांग के कारण यह योजना स्थगित कर दी ....
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