द्वितीय विश्व युद्ध एवं भारत छोड़ो आंदोलन
1 सितंबर को द्वितीय विश्वयुद्ध आरंभ हुआ तथा 3 सितंबर को भारत को युद्धरत राष्ट्र घोषित कर दिया गया।
- भारतीयों ने इसका प्रबल विरोध किया। भारतीयों के अनुसार भारत एक ही स्थिति में इस युद्ध का समर्थन कर सकता है यदि केंद्र में एक भारतीयों की एक उत्तरदायी सरकार हो और युद्ध के बाद एक संविधान सभा के गठन का प्रावधान हो।
- अगस्त 1940 में लार्ड लिनलिथगो ने इस मुद्दे पर समझौते हेतु अगस्त प्रस्ताव की घोषणा की, जिसे कांग्रेस ने स्वीकार नहीं किया।
अगस्त प्रस्ताव
- वायसराय की सलाहाकार परिषद् का विस्तार और कार्यकारिणी में भारतीय प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाना।
- युद्ध के पश्चात ....
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