बौद्ध धर्मः प्रमुख स्थल, स्तूप, ग्रंथ एवं विद्वान
छठी शताब्दी ई. पू. में मध्य गंगा घाटी में अनेक धार्मिक सम्प्रदायों का उद्भव हुआ, इनमें जैन तथा बौद्ध प्रमुख हैं। इन धार्मिक सम्प्रदायों ने उपनिषदों द्वारा तैयार पृष्ठभूमि के आधार पर ब्राह्मण धर्म के अनेक दोषों को उजागर किया।
बौद्ध धर्म: मूल सिद्धांत
- त्रिरत्नः बुद्ध, धम्म, संघ।
- बौद्ध धर्म का मूलाधारः चार आर्य सत्य - (1) दुःख, (2) दुःख समुदय, (3) दुःख निरोध, (4) दुःख निरोध गामिनी प्रतिपदा (इसके अंतर्गत अष्टांगिक मार्ग का वर्णन किया गया है।)
- अष्टांगिक मार्गः सभी प्रकार के दुःखों का निवारण इसके माध्यम से संभव है। ये निम्नलिखित हैं-
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1. |
सम्यक दृष्टि |
प्रज्ञा |
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2. |
सम्यक संकल्प |
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3. |
सम्यक वाक |
शील |
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4. |
सम्यक कर्मान्त |
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5. |
सम्यक आजीव |
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6. |
सम्यक .... |
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