संसद सदस्यों की अयोग्यता
अनुच्छेद 102
भारत के संविधान में (अनुच्छेद 102 में) प्रावधान किया गया है कि संसद का कोई सदस्य सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा, यदिः
- वह केंद्र या राज्य सरकार के अधीन कोई लाभ का पद धारण करता है (संसद द्वारा छूट प्राप्त किसी मंत्री या अन्य पद को छोड़कर)।
- वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है और अदालत द्वारा उसे ऐसा घोषित किया गया है।
- वह एक अनुन्मोचित दिवालिया (Undischarged Insolvent) है।
- वह भारत का नागरिक नहीं रहा। वह संसद द्वारा किसी अन्य कानून के तहत अयोग्य घोषित किया गया है।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951
संसद द्वारा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 ....
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