भारत की राजकोषीय नीति
राजकोषीय नीति व्यापक आर्थिक स्थितियों को प्रभावित करने के लिए सरकार की व्यय एवं कर नीति के उपयोग को संदर्भित करती है, जिसमें वस्तुओं एवं सेवाओं की कुल मांग, रोजगार, मुद्रास्फीति और आर्थिक विकास को लक्षित किया जाता है।
- अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाना एवं व्यापक आर्थिक विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मौद्रिक नीति के साथ-साथ राजकोषीय नीति का भी उपयोग किया जाता है।
राजकोषीय नीति का उद्देश्य
- पूर्ण रोजगार की प्राप्तिः इसका लक्ष्य ‘आर्थिक गतिविधियों की अल्पता’ (low economic activity) से उबरने के एक उपकरण के रूप में ‘पूर्ण रोजगार’ (full employment) या लगभग पूर्ण रोजगार (near full employment) ....
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