भारत का अपवाह तंत्र
निश्चित वाहिकाओं के माध्यम से हो रहे जलप्रवाह को ‘अपवाह’ कहते हैं। इन वाहिकाओं के जाल को ‘अपवाह तंत्र’ कहा जाता है। किसी क्षेत्र का अपवाह तंत्र वहां के भू-वैज्ञानिक समयावधि, चट्टानों की प्रकृति एवं संरचना, स्थलाकृति, ढाल, बहते जल की मात्र और बहाव की अवधि का परिणाम है।
- भारत के अपवाह तंत्र को मुख्यतः हिमालयी अपवाह तंत्र एवं प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र में विभाजित करके देख सकते हैं।
हिमालयी अपवाह तंत्र
हिमालय की नदियां बारहमासी होती हैं। इन नदियों को बारिश के साथ-साथ पर्वतों से पिघले हुए बर्फ से भी वर्ष भर पानी मिलता रहता है।
- हिमालय की नदियां अपरदन द्वारा निर्मित ....
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