कृषि भविष्य सँवारने की राह
भारत की लगभग 46% श्रमशक्ति कृषि पर निर्भर है, लेकिन राष्ट्रीय आय में इसका योगदान लगभग 20% (पाँचवें हिस्से) के बराबर है, जो प्रति श्रमिक कम उत्पादन और अपर्याप्त आय को दर्शाता है।
- जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण वर्ष 2050 तक वर्षा-आधारित धान की उपज में 20% और गेहूं की उपज में 19.3% की गिरावट आने की आशंका है, जिससे जलवायु-अनुकूल कृषि (Climate-Resilient Agriculture) अनिवार्य हो जाती है।
- भावी कृषि नीतियों का लक्ष्य केवल उपज वृद्धि न होकर 'जल उत्पादकता', मृदा ऑर्गेनिक कार्बन, 'पोषक तत्त्व उपयोग दक्षता' और 'आहार विविधता' जैसे सतत मानकों पर केंद्रित होना चाहिए।
भारत ....
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