संरचनात्मक नवाचार से सशक्त होती कृषि
भारत का कृषि इतिहास अत्यंत प्राचीन है; सिंधु घाटी सभ्यता (धोलावीरा, लोथल) के नगरों का विकास कृषि अधिशेष पर हुआ तथा चोल शासक करिकाल द्वारा दूसरी शताब्दी में निर्मित 'कल्लनई' (ग्रैंड एनीकट) विश्व की सबसे प्राचीन कार्यशील सिंचाई संरचनाओं में से एक है।
- स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत का खाद्यान्न उत्पादन मात्र 5 करोड़ टन था, जो वैज्ञानिक प्रगति (हरित क्रांति) और संस्थागत सुधारों के परिणामस्वरूप वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमान के अनुसार रिकॉर्ड 37.656 करोड़ टन तक पहुँच गया है।
- वर्ष 1970 में शुरू हुए 'ऑपरेशन फ्लड' (आनंद मॉडल) ने भारत को विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश (वैश्विक हिस्सेदारी ....
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