सतत कृषि की नई परिभाषा गढ़ती महिलाएँ

संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा महिलाओं के कृषि नेतृत्व को वैश्विक मान्यता देते हुए वर्ष 2026 को 'अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष' घोषित किया गया है।

  • आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, भारतीय कृषि कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 64.4% (2023-24) हो गई है, जबकि कृषि भूमि स्वामित्व में उनकी भागीदारी मात्र 14% है।
  • जुलाई 2026 में पारित 'महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तीकरण अधिनियम' देश का पहला ऐसा कानून है जो महिलाओं को भूमि स्वामित्व की शर्त के बिना भी स्वतंत्र किसान के रूप में कानूनी मान्यता देता है।
  • 'दीनदयाल अंत्योदय योजना (DAY-NRLM)' के तहत दिसंबर 2025 तक 10.05 करोड़ ग्रामीण महिलाएँ 90.91 लाख स्वयं सहायता समूहों ....
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