प्रवासी पक्षियों का संकट: 51% आबादी में गिरावट

  • दुनिया के 51% प्रवासी पक्षियों कीआबादी लगातार घटरही है, जबकि लगभग 300 प्रजातियाँ विलुप्त होने के कगार पर हैं।
  • आर्द्रभूमियों और जंगलों का विनाश, जलवायु परिवर्तन, कीटनाशकों काबढ़ता उपयोग, ऊंची इमारतों सेटकराव, बिजली की हाई-टेंशन तारें, अवैध शिकार और पालतू जीवों काव्यापार इनके अस्तित्व पर गंभीर खतरा हैं।
  • प्रवासी पक्षी केवल मौसम बदलने का संकेत नहीं देते, बल्कि वेमहाद्वीपों, महासागरों और पारिस्थितिकी तंत्रों कोजोड़ने वाली प्रकृति की सबसे मजबूत जीवंत कड़ी हैं।
  • वैज्ञानिकों का कहना है किप्रवासी पक्षियों कोबचाने के लिए केवल अभयारण्यों की नहीं, बल्कि उनकी पूरी जीवन-यात्रा – प्रजनन-स्थल, प्रवास-मार्ग, विश्राम-स्थल औरशीतकालीन आवास – को सुरक्षित करना होगा।
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