राष्ट्रीय खेल नीति 2025
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई, 2025 को ‘खेलो भारत नीति 2025’ (National Sports Policy 2025) को मंज़ूरी दी, जो देश के खेल परिदृश्य को नया स्वरूप देने और नागरिकों को खेलों के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
- नई नीति मौजूदा राष्ट्रीय खेल नीति, 2001 का स्थान लेगी।
- यह देश को वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने और वर्ष 2036 ओलंपिक खेलों सहित अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करने के लिए एक दूरदर्शी और कार्यनीतिक रोडमैप तैयार करेगी।
प्रमुख विशेषताएं
यह नीति 5 प्रमुख स्तंभों ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 EV क्रांति और ऊर्जा अवसंरचना की चुनौती
- 2 कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और भारत के समक्ष चुनौतियाँ
- 3 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर बहस
- 4 बढ़ती गर्म रातें : भारत में उभरता नया हीट संकट
- 5 SIR प्रक्रिया से नागरिकता तक: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उभरे नए प्रश्न
- 6 समुद्री चोक पॉइंट्स: व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीति के निर्णायक द्वार
- 7 ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2026: उभरते डिजिटल क्षेत्र का समग्र नियामक ढांचा
- 8 दल-बदल विरोधी कानून: प्रासंगिकता, खामियां और सुधार की आवश्यकता
- 9 औद्योगिक आपदाएं: कारण, लागत और समाधान
- 10 एआई के उद्भव का प्रभाव: असीम संभावनाओं की राह और जोखिमपूर्ण चुनौतियां
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 स्वच्छ ऊर्जा की राह पर भारत का उल्लेखनीय पड़ाव
- 2 भारत की वर्तमान व्यापार वार्ताएं
- 3 NISAR मिशन: भारत–अमेरिका की अंतरिक्ष साझेदारी का नया अध्याय
- 4 भविष्य के लिए कौशल: भारत के कार्यबल परिदृश्य का रूपांतरण
- 5 परंपरागत चिकित्सा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का सेतु
- 6 क्या भारत के शहर साइबर चुनौतियों का सामना करने को तैयार हैं?
- 7 आतंकवादी वित्तपोषण के जोखिम: सीमाओं से परे एक अदृश्य ख़तरा
- 8 भारत में शहरी लचीलापन: सतत अस्तित्व की रूपरेखा
- 9 भारत की जैव अर्थव्यवस्था: सतत और समानतामूलक विकास की प्रेरक शक्ति
- 10 धारणीय कृषि: रोजगार, स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय संतुलन की आधारशिला

