एल नीनो से बढ़ेगी भारत की बिजली की मांग

  • Centre for Research on Energy and Clean Air (CREA) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2026-27 का प्रबल एल नीनो भारत को 17.7 TWh अतिरिक्त जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन के लिए बाध्य कर सकता है।
  • यह अतिरिक्त मांग नवीकरणीय ऊर्जा की कमी की तुलना में बढ़ती शीतलन मांग (cooling demand) के कारण अधिक होगी।
  • उच्च तापमान से बिजली की मांग में लगभग 10 TWh की वृद्धि हो सकती है, जबकि कमजोर मानसून से जलविद्युत में 2.9 TWh और पवन ऊर्जा में 4.9 TWh की कमी आ सकती है।
  • इस उत्पादन अंतराल को कोयला-आधारित बिजलीघरों से पूरा किए जाने की संभावना है, जिससे 17 ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

पत्रिका सार