वर्तमान परिदृश्य में डेटा गवर्नेंस
डेटा गवर्नेंस, व्यक्तियों व व्यवसायों के डेटा पर नियंत्रण एवं विनियमन को एकीकृत करके विनियामक वातावरण को आसान बनाते हुए विशेषज्ञों को अवसर प्रदान करता है। यह नियमों के अनुरूप संगठनों को डेटा के बेहतर उपयोग में मदद कर सकता है।
हाल ही में लोकसभा में प्रस्तुत किए गए व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक (Personal Data Protection Bill), 2019 को परीक्षण के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया गया। समिति ने संबंधित व्यक्तियों, संघों और निकायों से विचार और सुझाव मांगे हैं। वर्तमान के डेटा-संचालित भू-राजनीतिक परिदृश्य को नियंत्रित करने व डेटा गवर्नेंस में इस विधेयक की महत्त्वपूर्ण भूमिका ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 16वाँ वित्त आयोग: कर-वितरण, उपकर और संघीय संतुलन का प्रश्न
- 2 भारत में ध्वनि प्रदूषण : पर्यावरणीय न्याय की नई चुनौती
- 3 एक्स्ट्रागैलेक्टिक जेट्स: ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली लेज़र बीम
- 4 भारत–यूएई संबंध : ऊर्जा सुरक्षा से व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक
- 5 भारत में जैव-ऊर्जा की संभावनाएं हरित ऊर्जा संक्रमण का आधार - आलोक सिंह
- 6 पश्चिम एशियाई संकट : भू-राजनीतिक द्वंद्व, ऊर्जा सुरक्षा और भारत के रणनीतिक सरोकार - आलोक सिंह
- 7 भारत में गैर-संचारी रोगों का बढ़ता बोझ : एक निवारक और सुदृढ़ स्वास्थ्य पारितंत्र की आवश्यकता - आलोक सिंह
- 8 भारत का सामरिक व्यापार नियंत्रण ढांचा राष्ट्रीय सुरक्षा और उच्च-प्रौद्योगिकी व्यापार के मध्य संतुलन - नूपुर जोशी
- 9 भू-आर्थिक टकराव के दौर में भारत चुनौतियां, प्रत्यास्थता एवं रणनीतिक प्रत्युत्तर - आलोक सिंह
- 10 नाभिकीय ऊर्जा: भारत के विकास-पथ की रणनीतिक कुंजी

