हरित बुनियादी ढांचे के लिये सॉवरेन ग्रीन बॉण्ड
बजट 2022-23 में वित्त मंत्री ने हरित बुनियादी ढाँचे (Green Infrastructure) के लिये संसाधन जुटाने हेतु संप्रभु ग्रीन बॉण्ड (Sovereign Green) जारी करने का प्रस्ताव किया है। इसके माध्यम से प्राप्त आय को सार्वजनिक क्षेत्र की ऐसी परियोजनाओं में निवेश किया जाएगा, जो अर्थव्यवस्था की कार्बन सघनता को कम करने में मदद करती हैं। यह घोषणा वर्ष 2070 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन (Net-Zeero Carbon Emission) प्राप्त करने की भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
ग्रीन बॉण्ड (Green Bond) किसे कहते हैं?
- ग्रीन बॉण्ड विभिन्न कंपनियों, देशों एवं बहुपक्षीय संगठनों द्वारा सकारात्मक पर्यावरणीय एवं जलवायु लाभ प्रदान करने वाली परियोजनाओं ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 लक्षद्वीप के मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र में निवेश हेतु निवेशक बैठक
- 2 BRO की 125 अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन
- 3 देश का पहला ‘वॉटर पॉजिटिव’ हवाई अड्डा
- 4 IMF की समीक्षा: राष्ट्रीय लेखा आंकड़ों में संरचनात्मक खामियां उजागर
- 5 विद्युत वितरण क्षेत्र में AI/ML प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर सम्मेलन
- 6 DBTL-पहल योजना
- 7 क्रेडिट कार्ड शिकायतों में तेज़ वृद्धि: RBI ओम्बुड्समैन रिपोर्ट
- 8 नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड को नवरत्न दर्जा
- 9 GDP के आधार वर्ष में संशोधन
- 10 UPI विश्व की सबसे बड़ी रियल टाइम भुगतान प्रणाली
- 1 केसर की खेती : केसर बाउल परियोजना
- 2 क्रूड पाम ऑयल हेतु कृषि अवसंरचना विकास उपकर में कमी
- 3 गन्ना भुगतान के लिए उचित और लाभकारी मूल्य
- 4 बजट 2022-23 के पश्चात RBI की प्रथम मौद्रिक नीति
- 5 अपूरणीय टोकन (नॉन-फंजिबल टोकन) की बिक्री
- 6 भारत के परिवहन क्षेत्र के विकार्बनीकरण का लक्ष्य
- 7 राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम- 'पर्वतमाला'

