अपूरणीय टोकन (नॉन-फंजिबल टोकन) की बिक्री
हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार क्रिप्टोकरेंसी की लोकप्रियता में काफी वृद्धि होने के कारण वर्ष 2021 में अपूरणीय टोकन/नॉन-फंजिबल टोकन (Non-Fungible Tokens- NFTs) की बिक्री 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ गई। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एनएफटी में हुई वृद्धि क्षणिक है, जिसकी बिक्री में कभी भी गिरावट देखने को मिल सकती है।
नॉन-फंजिबल टोकन (NFT)
- कोई भी वस्तु जिसे डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जा सकता है, वह NFT के रूप में परिभाषित की जा सकती है।
- ड्रॉइंग, फोटो, वीडियो, जीआईएफ (GIF-Graphics Interchange Format), संगीत, इन-गेम आइटम (In-Game Items), सेल्फी और यहांँ तक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 केरल–तमिलनाडु श्वेत पत्र: राज्यों की वित्तीय स्थिति पर बहस
- 2 RBI की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट 2026
- 3 संप्रभु क्रेडिट रेटिंग पर भारत की आपत्ति
- 4 कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) एवं कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 2026
- 5 CASA जमा में गिरावट: बैंकों के लिए बढ़ती चुनौती
- 6 PLFS–ASUSE 2025: शहरी रोजगार का नया आकलन
- 7 भारत के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC): लागत से नवाचार की ओर
- 8 चीन का हीलियम निर्यात प्रतिबंध: वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर बढ़ता संकट
- 9 CCEA के बड़े फैसले: चिप, मोबाइल और यूरिया पर फोकस
- 10 जून 2026 मुद्रास्फीति रिपोर्ट: महंगाई बढ़ी, लेकिन मांग अब भी कमजोर
- 1 केसर की खेती : केसर बाउल परियोजना
- 2 क्रूड पाम ऑयल हेतु कृषि अवसंरचना विकास उपकर में कमी
- 3 गन्ना भुगतान के लिए उचित और लाभकारी मूल्य
- 4 बजट 2022-23 के पश्चात RBI की प्रथम मौद्रिक नीति
- 5 भारत के परिवहन क्षेत्र के विकार्बनीकरण का लक्ष्य
- 6 हरित बुनियादी ढांचे के लिये सॉवरेन ग्रीन बॉण्ड
- 7 राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम- 'पर्वतमाला'

