अपूरणीय टोकन (नॉन-फंजिबल टोकन) की बिक्री
हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार क्रिप्टोकरेंसी की लोकप्रियता में काफी वृद्धि होने के कारण वर्ष 2021 में अपूरणीय टोकन/नॉन-फंजिबल टोकन (Non-Fungible Tokens- NFTs) की बिक्री 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ गई। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एनएफटी में हुई वृद्धि क्षणिक है, जिसकी बिक्री में कभी भी गिरावट देखने को मिल सकती है।
नॉन-फंजिबल टोकन (NFT)
- कोई भी वस्तु जिसे डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जा सकता है, वह NFT के रूप में परिभाषित की जा सकती है।
- ड्रॉइंग, फोटो, वीडियो, जीआईएफ (GIF-Graphics Interchange Format), संगीत, इन-गेम आइटम (In-Game Items), सेल्फी और यहांँ तक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 सार्वजनिक बीमा रजिस्ट्री
- 2 शरावती पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजना
- 3 राष्ट्रीय जहाजरानी बोर्ड (NSB): समुद्री क्षमता का सुदृढ़ीकरण
- 4 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
- 5 कार्बी आंगलोंग अदरक
- 6 सरकारी बैंक डैशबोर्ड एवं मैनुअल पहल
- 7 अमृत भारत स्टेशन योजना
- 8 बांध सुरक्षा हेतु प्रमुख डिजिटल पहल
- 9 वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट के लिए डिजिटल ट्विन पहल
- 10 कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट (CGP)
- 1 केसर की खेती : केसर बाउल परियोजना
- 2 क्रूड पाम ऑयल हेतु कृषि अवसंरचना विकास उपकर में कमी
- 3 गन्ना भुगतान के लिए उचित और लाभकारी मूल्य
- 4 बजट 2022-23 के पश्चात RBI की प्रथम मौद्रिक नीति
- 5 भारत के परिवहन क्षेत्र के विकार्बनीकरण का लक्ष्य
- 6 हरित बुनियादी ढांचे के लिये सॉवरेन ग्रीन बॉण्ड
- 7 राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम- 'पर्वतमाला'

