प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व स्थल व अवशेष अधिनियम
‘परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर संसदीय स्थायी समिति’ ने 3 फरवरी, 2022 को संस्कृति मंत्रालय को सौंपी अपनी रिपोर्ट में प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व स्थल व अवशेष (AMASR) अधिनियम में संशोधन करने का सुझाव पेश किया गया है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय इस पर विचार कर रहा है।
- संसदीय स्थायी समिति द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा संरक्षित स्मारकों के आस-पास निर्माण गतिविधि के लिए 100 मीटर के निषिद्ध क्षेत्र के प्रावधान में परिवर्तन करके 'साइट-विशिष्ट सीमाओं' (अलग-अलग स्मारक के लिए अलग अलग सीमाएं) का प्रावधान किया जाना चाहिए।
मुख्य बिंदु
- स्थायी समिति के प्रस्ताव के अनुरूप 'निषिद्ध और ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन: 'मेरा गांव मेरी धरोहर'
- 2 कला संस्कृति विकास योजना (KSVY): भारतीय विरासत का डिजिटल और आर्थिक संरक्षण
- 3 विदेशों में भारतीय संस्कृति का संवर्धन एवं वैश्विक सहभागिता
- 4 सारनाथ: यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भारत की 45वीं उपलब्धि
- 5 ज्ञान भारतम मिशन: पांडुलिपि विरासत का डिजिटल संरक्षण
- 6 संग्रहालय अनुदान योजना: सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
- 7 वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक
- 8 आयुर्वेद पांडुलिपियों का लिप्यंतरण हेतु आयुष मंत्रालय द्वारा कार्यशाला का आयोजन
- 9 राखीगढ़ी के अवशेष: सिंधु-सरस्वती सभ्यता के रहस्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण
- 10 स्वदेशी शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को जीआई (GI) मान्यता

