तारापुर नरसंहार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 90 साल पहले बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर में पुलिस द्वारा मारे गए 34 स्वतंत्रता सेनानियों की याद में प्रत्येक वर्ष 15 फरवरी को "शहीद दिवस" (Shahid Diwas) के रूप में मनाया जाएगा।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि तारापुर नरसंहार (Tarapur Massacre) के स्वतंत्रता सेनानियों को उनका हक कभी नहीं मिला, जबकि तारापुर में घटित यह नरसंहार ब्रिटिश पुलिस द्वारा 1919 में अमृतसर के जलियांवाला बाग में किए गए नरसंहार के बाद सबसे बड़ा हत्याकांड था।
तारापुर नरसंहार : घटनाक्रम
- 15 फरवरी, 1932 को युवा स्वतंत्रता सेनानियों के एक समूह ने तारापुर के ....
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