हिंद की चादर: गुरु तेग बहादुर जी

25 नवंबर, 2025 को 9वें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी (1621-1675) की 350वीं शहादत वर्षगांठ मनाई गयी।

  • धार्मिक स्वतंत्रता के रक्षक: उन्होंने मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब द्वारा कश्मीरी पंडितों पर किए जा रहे अत्याचारों का विरोध किया। जब पंडितों ने उनसे सहायता मांगी, तो उन्होंने धर्म और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए मुगल सत्ता को चुनौती दी।
    • वे स्वेच्छा से दिल्ली गए औरंगज़ेब से कहा यदि वह उन्हें (गुरु तेग बहादुर को) इस्लाम में परिवर्तित कर सकता है, तो वे सब (कश्मीरी पंडित) भी परिवर्तित हो जाएँगे।
    • यातनाएँ देने पर भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। अंततः 1675 को चांदनी ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें

वार्षिक सदस्यता लें मात्र 600 में और पाएं...
पत्रिका की मासिक सामग्री, साथ ही पत्रिका में 2018 से अब तक प्रकाशित सामग्री।
प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा पर अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट पेपर, हल प्रश्न-पत्र आदि।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित चुनिंदा पुस्तकों का ई-संस्करण।
पप्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के चुनिंदा विषयों पर वीडियो क्लासेज़।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित पुस्तकों पर अतिरिक्त छूट।

नियमित स्तंभ