हैली धूमकेतु का पहला भारतीय अभिलेखीय साक्ष्य

हाल ही में श्रीशैलम के मल्लिकार्जुनस्वामी मंदिर में 15वीं शताब्दी के एक ताम्रपत्र शिलालेख में हैली धूमकेतु का पहला भारतीय अभिलेखीय संदर्भ पाया गया।

  • यद्यपि प्राचीन और मध्यकालीन भारतीय ग्रंथों में 'धूमकेतु' (धूमकेतु) का उल्लेख मिलता है, लेकिन यह पहला अभिलेखीय साक्ष्य है, जो खोजा गया है।
  • यह ताम्रपत्र शिलालेख संस्कृत भाषा में नागरी लिपि में लिखा गया है।
  • यह ताम्रपत्र शिलालेख 78 तांबे के पत्तों का संग्रह है।
  • इसमें धूमकेतु के दिखने और उसके बाद उल्कापात का उल्लेख प्राप्त होता है।
  • ये घटनाएं ऐतिहासिक रूप से 1456 ई. में हैली धूमकेतु के दिखने से मेल खाती हैं।
  • यह ताम्रपत्र शिलालेख 1456 ई. का है, जो ....
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