कुरुंबा चित्रकला: नीलगिरि की प्राचीन जनजातीय कला

हाल ही में जनजातीय कलाकार कृष्णन राघवन (किठना) को पद्म श्री सम्मान मिलने के बाद कुरुंबा चित्रकला की विलुप्तप्राय परंपरा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई है।

कुरुंबा चित्रकला एक परिचय

  • उत्पत्ति
    • यह एक प्रागैतिहासिक कला है, जिसकी आयु लगभग 3000 वर्ष से अधिक मानी जाती है।
    • इसका उद्गम कुरुंबा जनजाति (Kurumba Tribe) से हुआ, जो तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक के क्षेत्रों में निवास करती है।
    • पारंपरिक रूप से यह कला नीलगिरि की पहाड़ियों में चट्टानों एवं गुफाओं की दीवारों पर बनाई जाती थी।
  • कच्चा माल एवं उपकरण
    • रंग: इन चित्रों में वनों से प्राप्त प्राकृतिक रंजकों (Pigments) का उपयोग किया जाता है। पीला-भूरा और ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें

वार्षिक सदस्यता लें मात्र 600 में और पाएं...
पत्रिका की मासिक सामग्री, साथ ही पत्रिका में 2018 से अब तक प्रकाशित सामग्री।
प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा पर अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट पेपर, हल प्रश्न-पत्र आदि।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित चुनिंदा पुस्तकों का ई-संस्करण।
पप्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के चुनिंदा विषयों पर वीडियो क्लासेज़।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित पुस्तकों पर अतिरिक्त छूट।

नियमित स्तंभ