रहने योग्य ग्रहों की खोज के लिए AI का प्रयोग
हाल ही में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (Indian Institute of Astrophysics) और बिट्स पिलानी (गोवा) के खगोलविदों ने कृत्रिम बुद्धिमता (AI) आधारित एक पद्धति विकसित की है जो रहने योग्य ग्रहों की पहचान में सक्षम है।
मुख्य बिंदु
- इस नई कृत्रिम बुद्धिमता आधारित पद्धति को मल्टी-स्टेज मेमेटिक बाइनरी ट्री एनोमली आइडेंटिफायर (Multi-Stage Memetic Binary Tree Anomaly Identifier - MSMBTAI) नाम दिया गया है।
- विभिन्न ग्रहों में पृथ्वी एकमात्र रहने योग्य ग्रह है, जिसे तकनीकी भाषा में विसंगति (Anomaly) के रूप में जाना जाता है। इस पद्धति को इस धारणा के आधार पर तैयार किया गया था कि पृथ्वी एक विसंगति ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 लुक आउट सर्कुलर
- 2 GPS जैमिंग
- 3 डार्क ऑक्सीजन
- 4 हाइड्रॉक्सिल मेगामेसर
- 5 विलुप्त माने जाने वाले मार्सुपियल पुनः खोजे गए
- 6 डेनमार्क ने HIV और सिफिलिस के मातृ-से-शिशु संचरण को समाप्त किया
- 7 संदिग्ध मेनिंगोकोकल संक्रमण
- 8 LCH “प्रचंड” सॉर्टी
- 9 सिल्वरपिट क्रेटर की क्षुद्रग्रह टक्कर स्थल के रूप में पुष्टि
- 10 राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत क्वांटम लैब्स को मंज़ूरी
- 1 इसरो का लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान : एसएसएलवी
- 2 पृथ्वी अवलोकन उपग्रह : ईओएस-04
- 3 भू-चुंबकीय तूफान द्वारा उपग्रहों को क्षति
- 4 न्यूट्रिनो परियोजना का तमिलनाडु सरकार द्वारा विरोध
- 5 आभासी डिजिटल संपत्ति
- 6 हैक-प्रूफ क्वांटम संचार का प्रदर्शन
- 7 ग्रेटर मालदीव रिज का विवर्तनिक विकास
- 8 स्टेम सेल प्रत्यारोपण और एचआईवी की चिकित्सा
- 9 नाभिकीय संलयन से ऊर्जा प्राप्ति
- 10 भारत का पहला ग्राफीन इनोवेशन सेंटर

