रहने योग्य ग्रहों की खोज के लिए AI का प्रयोग
हाल ही में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (Indian Institute of Astrophysics) और बिट्स पिलानी (गोवा) के खगोलविदों ने कृत्रिम बुद्धिमता (AI) आधारित एक पद्धति विकसित की है जो रहने योग्य ग्रहों की पहचान में सक्षम है।
मुख्य बिंदु
- इस नई कृत्रिम बुद्धिमता आधारित पद्धति को मल्टी-स्टेज मेमेटिक बाइनरी ट्री एनोमली आइडेंटिफायर (Multi-Stage Memetic Binary Tree Anomaly Identifier - MSMBTAI) नाम दिया गया है।
- विभिन्न ग्रहों में पृथ्वी एकमात्र रहने योग्य ग्रह है, जिसे तकनीकी भाषा में विसंगति (Anomaly) के रूप में जाना जाता है। इस पद्धति को इस धारणा के आधार पर तैयार किया गया था कि पृथ्वी एक विसंगति ....
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