महाराष्ट्र
आतिथ्य क्षेत्र के लिए कारोबार सुगमता नीति
- राज्य मंत्रिमंडल ने 7 अक्टूबर, 2020 को आतिथ्य क्षेत्र (hospitality sector) के लिए कारोबार सुगमता की नीति को मंजूरी दी।
- राज्य में नया कारोबार शुरू करने के लिए पूर्व में आवश्यक 70 लाइसेंस के विपरीत अब केवल 10 लाइसेंस आवश्यक होंगे।
- पहले इस उद्देश्य के लिए सात विभागों से 15 अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की आवश्यकता थी, जबकि अब 9 स्व-प्रमाणन आवश्यक होंगे। जमा किए जाने वाले आवेदन फॉर्मों की संख्या भी 70 से घटाकर 8 कर दी गई ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 कीई पन्योर बनेगा भारत का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’
- 2 गोवा को मिलेगा तीसरा जिला
- 3 हिमाचल प्रदेश में MSME टेक्नोलॉजी सेंटर्स की स्थापना को मंज़ूरी
- 4 देश की पहली समर्पित “डीप टेक पॉलिसी”
- 5 संस्कार शाला
- 6 रायपुर में APEDA का क्षेत्रीय कार्यालय
- 7 भारत की पहली पूर्णतः पेपरलेस न्यायालय प्रणाली
- 8 केरल को मिला अपना पहला तितली अभयारण्य: अरालम
- 9 बैसिलस सबटिलिस केरल का “राज्य सूक्ष्म जीव”
- 10 गुजरात को पुनः टाइगर स्टेट की मान्यता प्राप्त हुई

