बाह्य अंतरिक्ष एवं भारत : अवसर एवं चुनौतियां
हाल ही में भारत और अमेरिका के मध्य ‘अंतरिक्ष स्थिति जागरूकता समझौता ज्ञापन’ (Space Situational Awareness MoU) को अंतिम रूप प्रदान करने पर सहमति बनी। अंतरिक्ष स्थिति जागरूकता समझौता ज्ञापन, बाह्य अंतरिक्ष गतिविधियों के संबंध में डेटा और सेवाओं को साझा करने में मदद करेगा। यह प्रथम अवसर है जब भारत किसी देश के साथ इस तरह का समझौता कर रहा है, हालाँकि अमेरिका दो दर्जन से अधिक देशों के साथ इस प्रकार का समझौता कर चुका है।
- अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता (एसएसए) के अंतर्गत अंतरिक्ष में स्थित प्राकृतिक (जैसे- उल्कापिंड) तथा मानव निर्मित (जैसे- उपग्रह) सभी वस्तुओं की गति एवं अंतरिक्ष ....
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