प्रथम वैश्विक शरणार्थी फोरम
- 17-18 दिसंबर, 2019 के मध्य जिनेवा शहर में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी और स्विट्जरलैंड की सरकार द्वारा संयुक्त रूप से पहला ग्लोबल रिफ्रयूजी फोरम (जीआरएफ) आयोजित किया गया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य वैश्विक शरणार्थी स्थिति पर दुनिया के देशों की प्रतिक्रिया पर बहस और चर्चा करना है।
शरणार्थी कौन है ?
- शरणार्थी वह है_ जिसे उत्पीड़न, युद्ध या हिंसा के कारण उसके देश से भागने के लिए मजबूर किया गया है।
- शरणार्थियों को अंतरराष्ट्रीय कानून में परिभाषित और संरक्षित किया गया है। 1951 का यूएन रिफ्रयूजी कन्वेंशन एक महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 जी-7 में भारत: बदलती पश्चिमी दुनिया और नई रणनीति
- 2 भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग का भविष्य
- 3 अध्यादेश और न्यायिक स्वतंत्रता
- 4 दिव्यांगजनों के लिए समान व्यवहार और अधिकार
- 5 अंतरिक्ष में कक्षीय प्रतिद्वंद्विता
- 6 जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर उच्च स्तरीय समिति : राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध प्रवासन का नया विमर्श
- 7 EV क्रांति और ऊर्जा अवसंरचना की चुनौती
- 8 कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और भारत के समक्ष चुनौतियाँ
- 9 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर बहस
- 10 बढ़ती गर्म रातें : भारत में उभरता नया हीट संकट
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 मानव विकास सूचकांक 2019
- 2 अटल भूजल योजना व भूजल की स्थिति
- 3 नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019
- 4 सार्वजनिक संपत्ति की क्षति
- 5 वन अधिकार कानून एवं मिजोरम
- 6 राज्यसभा में न्यायसंगत प्रतिनिधित्व
- 7 जनगणना 2021 एवं एनपीआर को मंजूरी
- 8 झारखंड के 11वें मुख्यमंत्रीः हेमंत सोरेन
- 9 विशेष आर्थिक क्षेत्रः एसईजेड
- 10 एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2019-20
- 11 भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2019
- 12 चक्रवातों की बढ़ती आवृत्ति व इसके कारण
- 13 यूएनएफसीसीसी कॉप 25
- 14 5जी स्पेक्ट्रम व भारत

