नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019
- राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने 12 दिसंबर, 2019 को ‘नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019’ को मंजूरी प्रदान कर दी तथा इस प्रकार इस विधेयक ने अधिनियम का रूप ले लिया।
- यह अधिनियम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही 12 दिसंबर, 2019 को लागू भी हो गया। नया संशोधन अधिनियम नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन करता है।
- अधिनियम के अनुसार, हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के ऐसे सदस्य जो 31 दिसंबर, 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हैं तथा जिन्होंने वहां धार्मिक उत्पीड़न का सामना किया है, अवैध आप्रवासी नहीं माने जाएंगे एवं उन्हें भारतीय ....
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