ई-20 ईंधन तथा जैव ईंधन का महत्त्व
हाल ही में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक मसौदा अधिसूचना प्रकाशित कर ई-20 ईंधन (E-20 fuel) के प्रयोग और व्यापक पैमाने पर उत्सर्जन मानकों को अपनाए जाने पर जन प्रतिक्रिया आमंत्रित की है।
प्रमुख बिन्दु
- ई-20 ईंधन के निर्माण के लिये गैसोलीन में 20% एथेनॉल मिलाकर ऑटोमोटिव ईंधन के तौर पर प्रयोग किया जाएगा।
- वतर्मान में ऑटोमोबाइल ईंधन में 10% एथेनॉल का सम्मिश्रण करने की अनुमति है। एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम (Ethanol Blended Petrol Programme) के तहत वर्ष 2022 तक पेट्रोल के साथ 10% बायो-एथेनॉल मिश्रण और वर्ष 2030 तक 20% मिश्रण का लक्ष्य रखा गया है।
- हालाँकि ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 जी-7 में भारत: बदलती पश्चिमी दुनिया और नई रणनीति
- 2 भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग का भविष्य
- 3 अध्यादेश और न्यायिक स्वतंत्रता
- 4 दिव्यांगजनों के लिए समान व्यवहार और अधिकार
- 5 अंतरिक्ष में कक्षीय प्रतिद्वंद्विता
- 6 जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर उच्च स्तरीय समिति : राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध प्रवासन का नया विमर्श
- 7 EV क्रांति और ऊर्जा अवसंरचना की चुनौती
- 8 कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और भारत के समक्ष चुनौतियाँ
- 9 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर बहस
- 10 बढ़ती गर्म रातें : भारत में उभरता नया हीट संकट
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 मानव विकास सूचकांक 2020
- 2 एनआरआई के लिए पोस्टल वोटिंग
- 3 निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन
- 4 मेघालय में इनर लाइन परमिट की मांग
- 5 तकनीकी वस्त्र एवं इस क्षेत्र में भारत की प्रगति
- 6 तुर्की पर अमेरिकी प्रतिबंध एवं भारत की चिंताएं
- 7 हरित हाइड्रोज़न : भविष्य का स्वच्छ ईंधन
- 8 क्वांटम सुप्रीमेसी तथा क्वांटम कंप्यूटिंग: महत्व एवं चुनौतियां

