महिलाओं के लिए विवाह की न्यूनतम आयु : आलोचनात्मक विश्लेषण
भारतीय संस्कृति में वैवाहिक संबंधों को पारिवारिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक विशेषताओं से जोड़कर देखा जाता है। यही कारण है कि, औपनिवेशिक काल से जब भी इस दिशा में सुधार संबंधी कदम उठाने के प्रयास किए गए हैं, समाज के एक तबके ने इन सुधारों का व्यापक विरोध किया है। भारतीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक विविधता को बनाए रखने के साथ 21वीं सदी के समाज में महिलाओं को पुरुषों के समान दर्जा प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में विवाह की न्यूनतम आयु को बढ़ाकर उसे कानूनी रूप प्रदान किया जाना एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
दिसंबर 2021 में भारत ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 अमेरिका–ईरान इस्लामाबाद समझौता: पश्चिम एशिया में नई कूटनीतिक शुरुआत
- 2 अल नीनो : भारत के लिए एक गंभीर विकासात्मक चुनौती क्यों?
- 3 भारत का अप्रत्याशित 'बेबी बस्ट': विश्व के लिए एक जनसांख्यिकीय चेतावनी
- 4 भारत में रोजगार योग्यता संकट: डिग्री और कौशल के बीच बढ़ती खाई
- 5 16वाँ वित्त आयोग: कर-वितरण, उपकर और संघीय संतुलन का प्रश्न
- 6 भारत में ध्वनि प्रदूषण : पर्यावरणीय न्याय की नई चुनौती
- 7 एक्स्ट्रागैलेक्टिक जेट्स: ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली लेज़र बीम
- 8 भारत–यूएई संबंध : ऊर्जा सुरक्षा से व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक
- 9 भारत में जैव-ऊर्जा की संभावनाएं हरित ऊर्जा संक्रमण का आधार - आलोक सिंह
- 10 पश्चिम एशियाई संकट : भू-राजनीतिक द्वंद्व, ऊर्जा सुरक्षा और भारत के रणनीतिक सरोकार - आलोक सिंह
- 1 डिजिटल शासन में ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी भूमिका, जोखिम एवं रणनीति
- 2 भारत में स्टार्टअप पारिस्थितिक तंत्र अवसर, चुनौतियां एवं विकास हेतु प्रयास
- 3 भू-विरासत स्थल: महत्व तथा संरक्षण के प्रयास
- 4 बदलती विश्व व्यवस्था में भारत-रूस संबंध
- 5 ईएसजी फ्रेमवर्क : सहभागी एवं धारणीय कॉरपोरेट शासन का स्तंभ
- 6 डेटा संरक्षण कानून : औचित्य तथा चुनौतियां

