दोषपूर्ण जीन सुधार प्रक्रिया
अनुवांशिक समस्याओं से निजात पाने में दोषपूर्ण जीन सुधार प्रक्रिया एक आकर्षक अनुसंधान प्रयोग है। परंतु यह समाज में असमानता व अन्य खतरनाक परिणाम भी उत्पन्न कर सकते हैं।
किसी ‘दोषपूर्ण जीन’ को सुधारने या उसे दूसरे जीन से प्रतिस्थापित करने की प्रक्रिया को जीनोम एडिटिंग (Genome editing) कहा जाता है। 28 सितंबर, 2018 को हांगकांग (चीन का स्वायत्त प्रदेश) में शेन्जेन (Shenzhen) स्थित सदर्न यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के चीनी वैज्ञानिक ‘हे जियानकुई’ (He Jiankui) ने घोषणा की थी कि उन्होंने विश्व में पहली बार किसी बच्चे के जन्म में जीन एडिटिंग प्रक्रिया का उपयोग किया है। हालांकि, चीन ....
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