नौपरिवहन का पारिस्थितिकीय प्रभाव
नदी एवं जलीय प्राणियों पर नौपरिवहन का प्रभाव
केंद्र सरकार ने नौपरिवहन के उद्देश्य से 12 नवंबर, 2018 को वाराणसी में गंगा नदी पर भारत के पहले बहु-मॉडल टर्मिनल का उद्घाटन किया। यह बहु-मॉडल टर्मिनल जल मार्ग विकास परियोजना (JMVP) के अंतर्गत बनाया गया है जिसका लक्ष्य वाराणसी तथा हल्दिया के बीच जलमार्ग का विस्तार करना और 1,500-2,000 टन वजन वाले बड़े जहाजों के लिए नौपरिवहन विकसित करना है। इसके लिए तीन बहु-मॉडल टर्मिनल (उत्तर प्रदेश में वाराणसी, झारखंड में साहिबगंज और पश्चिम बंगाल में हल्दिया) का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा जल मार्ग के विकास के लिए दो ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 इन्फोडेमिक और जनता का विश्वास
- 2 भारत के फार्मास्युटिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की चुनौती
- 3 COP31: वैश्विक जलवायु कूटनीति की अग्निपरीक्षा
- 4 डिजिटल हवाला: तकनीक के साथ बदलता भूमिगत बैंकिंग तंत्र
- 5 NSE का प्रस्तावित IPO: सेल्फ-लिस्टिंग और नियामकीय चुनौतियाँ
- 6 सोशल मीडिया और किशोरों की सुरक्षा: Meta समझौता और भारत के लिए सबक
- 7 भारत की डेटा सेंटर संबंधी दुविधा: जल संकट बनाम डिजिटल विस्तार
- 8 कृत्रिम बुद्धिमत्ता: भारत की उभरती आधारभूत सार्वजनिक उपयोगिता
- 9 परीक्षाओं की विश्वसनीयता का संकट: क्या राधाकृष्णन समिति बनेगी समाधान?
- 10 सरकारी स्कूलों का बंद होना: शिक्षा के अधिकार और सामाजिक न्याय के सामने बढ़ता संकट

