NSE का प्रस्तावित IPO: सेल्फ-लिस्टिंग और नियामकीय चुनौतियाँ

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NSE के IPO से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या NSE के शेयर भविष्य में NSE के ही प्लेटफॉर्म पर कारोबार कर सकेंगे।

लगभग एक दशक की नियामकीय देरी के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपना प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रस्तावित IPO से लगभग ₹30,000 करोड़ जुटाए जाने की संभावना है, जिससे यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। इससे संस्थागत और खुदरा निवेशकों के बीच काफी रुचि पैदा हुई है। हालांकि, NSE के IPO से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या NSE के शेयर ....

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