इन्फोडेमिक और जनता का विश्वास

?>

जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैव सुरक्षा निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को बदल रही है, तब प्रामाणिक वैज्ञानिक असहमति और भ्रामक सूचना के बीच अंतर करना एक गंभीर चुनौती बन गया है।

कोविड-19 महामारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी वैश्विक स्वास्थ्य संकट या जैव सुरक्षा आपातकाल का प्रबंधन केवल चिकित्सा विज्ञान पर निर्भर नहीं करता, बल्कि वैज्ञानिक संचार और जनता के विश्वास पर भी उतना ही निर्भर करता है। वर्तमान में, जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैव सुरक्षा निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को बदल रही है, तब प्रामाणिक वैज्ञानिक असहमति और भ्रामक सूचना के बीच अंतर करना एक गंभीर ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें

वार्षिक सदस्यता लें मात्र 600 में और पाएं...
पत्रिका की मासिक सामग्री, साथ ही पत्रिका में 2018 से अब तक प्रकाशित सामग्री।
प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा पर अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट पेपर, हल प्रश्न-पत्र आदि।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित चुनिंदा पुस्तकों का ई-संस्करण।
पप्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के चुनिंदा विषयों पर वीडियो क्लासेज़।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित पुस्तकों पर अतिरिक्त छूट।
आलेख