वहनीय द्वीपीय देशों हेतु आधारभूत संरचना पहल: महत्व एवं आवश्यकता
2 नवंबर, 2021 को कॉप26 जलवायु शिखर सम्मेलन के दौरान भारत द्वारा वहनीय द्वीपीय देशों हेतु आधारभूत संरचना (Infrastructure for Resilient Island States – IRIS) नामक पहल का शुभारंभ किया गया। भारत द्वारा प्रारंभ आइरिस पहल में ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया आदि देश सहयोगी हैं। इस पहल में फिजी, जमैका और मॉरीशस जैसे छोटे द्वीपीय देशों के नेताओं की भी भागीदारी है।
वहनीय द्वीपीय देशों हेतु आधारभूत संरचना पहल, ‘आपदा रोधी अवसंरचना के लिए गठबंधन’ (Coalition for Disaster Resilient Infrastructure – CDRI) का एक हिस्सा है, इस नवीन पहल के तहत विकासशील देशों, विशेष रूप से छोटे द्वीपीय विकासशील देशों के क्षमता निर्माण ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 औद्योगिक पार्क: निवेश, रोज़गार और टिकाऊ वृद्धि के इंजन
- 2 भारत के नागरिक विमानन क्षेत्र के समक्ष चुनौतियां एवं अवसर
- 3 भारत का पूर्णतः स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर ध्रुव 64: तकनीकी आत्मनिर्भरता का नया अध्याय
- 4 भारत में आक्रामक विदेशी प्रजातियाँ: उभरता पारिस्थितिक संकट
- 5 श्वसन-प्रवेशी सूक्ष्म-प्लास्टिक एवं वायु प्रदूषण: उभरता स्वास्थ्य संकट
- 6 जैव-विविधता क्षरण और जलवायु परिवर्तन: प्रतिक्रिया चक्र की पड़ताल
- 7 जैव-उपचार: भारत की ठोस अपशिष्ट चुनौती का समाधान
- 8 भारत–ओमान CEPA: खाड़ी क्षेत्र में रणनीतिक पुनर्संयोजन
- 9 भारत का कॉरपोरेट बॉन्ड बाज़ार: संरचनात्मक बाधाएं एवं सुधार की दिशा
- 10 भारत में अग्नि-जनित आपदाएं: प्रणालीगत विफलताओं से सीख एवं सुधार की दिशा

