एमएसएमई की नई परिभाषा
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 मई, 2020 को यह घोषणा की कि केंद्र सरकार ने 'सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों' (MSMEs) की परिभाषा बदलने का फैसला लिया है।
- हालाँकि, सरकार को परिभाषा बदलने के लिए संसद की मंजूरी की आवश्यकता होगी क्योंकि उसे इसके लिए 'सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006' में संशोधन करना होगा।
- संसद के सत्र में नहीं होने के कारण सरकार इस घोषणा को लागू करने के लिए एक अध्यादेश (Ordinance) ला सकती है।

यह परिवर्तन क्यों किया जा रहा है?
- एमएसएमई की पुरानी परिभाषा में निम्न सीमा के कारण ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 केरल–तमिलनाडु श्वेत पत्र: राज्यों की वित्तीय स्थिति पर बहस
- 2 RBI की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट 2026
- 3 संप्रभु क्रेडिट रेटिंग पर भारत की आपत्ति
- 4 कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) एवं कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 2026
- 5 CASA जमा में गिरावट: बैंकों के लिए बढ़ती चुनौती
- 6 PLFS–ASUSE 2025: शहरी रोजगार का नया आकलन
- 7 भारत के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC): लागत से नवाचार की ओर
- 8 चीन का हीलियम निर्यात प्रतिबंध: वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर बढ़ता संकट
- 9 CCEA के बड़े फैसले: चिप, मोबाइल और यूरिया पर फोकस
- 10 जून 2026 मुद्रास्फीति रिपोर्ट: महंगाई बढ़ी, लेकिन मांग अब भी कमजोर

