सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों हेतु योजना
- केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 20 मई, 2020 को 10,000 हजार करोड़ रूपए के परिव्यय के साथ “सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को औपचारिक रूप देने की योजना (एफएमई)” [Scheme for Formalisation of Micro food processing Enterprises (FME)] को स्वीकृति दे दी।
- अखिल भारतीय स्तर पर असंगठित क्षेत्र के लिए इस नई केन्द्र प्रायोजित योजना में व्यय को 60:40 के अनुपात में भारत सरकार और राज्यों के द्वारा साझा किया जाएगा।
योजना का उद्देश्य:
- सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों के द्वारा ‘वित्त अधिगम्यता’ (access to finance) में वृद्धि;
- लक्षित उद्यमों के राजस्व में वृद्धि;
- खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों (safety standards) का अनुपालन;
- समर्थन प्रणालियों (support systems) ....
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